हिंदी साहित्य में जादुई यथार्थवाद और विनोद कुमार शुक्ल की लेखनी
25 Mar, 2025यथार्थ का आशय ‘सच’ से है। सच, जो वास्तव में बिना किसी बनावट, कल्पना या लागलपेट के उपस्थित होता है। सूरज का उगना या डूबना यथार्थ है, क्योंकि यह सच है और हम इसकी पुष्टि कर...
यथार्थ का आशय ‘सच’ से है। सच, जो वास्तव में बिना किसी बनावट, कल्पना या लागलपेट के उपस्थित होता है। सूरज का उगना या डूबना यथार्थ है, क्योंकि यह सच है और हम इसकी पुष्टि कर...
डॉ. मनमोहन सिंह भारतीय राजनीति और समाज में एक ऐसे व्यक्तित्व के रूप में माने जाते हैं, जिन्होंने सादगी, विद्वता तथा सेवा के उच्चतम आदर्श प्रस्तुत किये। उनका जीवन और उनके...
सी.वी. रमन कहते हैं - “हमेशा सही सवाल पूछें, फिर देखना प्रकृति अपने सभी रहस्यों के द्वार खोल देगी।” वे ये भी कहते हैं कि “शिक्षा का उद्देश्य लोगों को स्वतंत्र रूप से...
भारतीय सभ्यता की श्रेष्ठता को संपूर्णता के रूप में प्रस्तुत करने वाले महात्मा गांधी के विचारों ने दुनिया भर के लोगों को न सिर्फ प्रेरित किया बल्कि करुणा और शांति के...
भारत के सर्वोच्च साहित्यिक पुरस्कार ज्ञानपीठ से सम्मानित कवि केदारनाथ सिंह आधुनिक हिंदी कविता में बिम्ब के कवि के रूप में जाने जाते हैं। उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद में 7...
हिंदी साहित्य का एक समृद्ध इतिहास रहा है। इसे हम आदिकाल, मध्यकाल एवं आधुनिक काल के रूप में देखते आए हैं। आदिकाल में भाषा का जो स्वरूप था वह अभी प्रारम्भिक हिंदी को गढ़ने का...
वल्लभभाई झावरभाई पटेल, जिन्हें भारत में प्रेमपूर्वक ‘सरदार पटेल’ के नाम से जाना जाता है, भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन के अग्रणी नेता थे। स्वतन्त्र भारत के महान दूरदर्शी...
‘नहीं कारण कि मेरा हृदय उथला या कि सूना है/ या कि मेरा प्यार मैला है/ बल्कि केवल यही/ ये उपमान मैले हो गए हैं/ देवता इन प्रतीकों के कर गए हैं कूच/ कभी बासन अधिक घिसने से मुलम्मा...
बात 23 मार्च 1931 की शाम की है। भगत सिंह प्राणनाथ मेहता की लाई लेनिन की जीवनी पढ़ रहे थे। अफसर ने दरवाजा खोला और कहा, “सरदार जी, फांसी लगाने का हुक्म आ गया है। तैयार हो जाइए।”...
उत्तर प्रदेश का इलाहाबाद शहर जो अब प्रयागराज के नाम से जाना जाता है, एक समय तक अपनी साहित्यिक प्रतिभा के लिए मशहूर रहा। निराला, महादेवी वर्मा, हरिवंशराय बच्चन से लेकर पंत...